Black Hole के बारे में जानकारी | What is Black hole in Hindi

ब्लैक होल क्या है और इस से जुड़े कई सवाल आज लोगो के दिमाग मे घर कर के बैठे हुऐ है। हमारी टीम के द्वारा इस पोस्ट (Black hole in hindi) मे हमने ब्लैक होल की पूरी जानकारी हिंदी मे समझाने की कोशिस की है। हम आशा रखते है की आप हमारी इस रिसर्च को पढ़ेंगे और आपको ब्लैक होल के बारे मे नॉलेज बढ़े।   


ब्लैक होल क्या है? (What is Black hole in Hindi)

ब्लैक होल बाहरी अंतरिक्ष में पाए जाने वाले कुछ सबसे अजीब और आकर्षक वस्तुएं हैं। वे अत्यधिक घनत्व की वस्तुएं हैं, इस तरह के मजबूत गुरुत्वाकर्षण आकर्षण के साथ कि प्रकाश भी उनकी मुट्ठी से बच नहीं सकता है यदि यह पर्याप्त के पास आता है।

Black hole in hindi

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अगर आप ब्लैक होल में गिर जाएं तो क्या होगा? शायद आप सोचते हों कि आपकी मौत हो जाएगी. लेकिन ऐसी स्थिति में आपके साथ इससे अलग कई और चीज़ें भी हो सकती हैं.

ब्लैक होल स्पेस में वो जगह है जहाँ भौतिक विज्ञान का कोई नियम काम नहीं करता. इसका गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र बहुत शक्तिशाली होता है.

इसके खिंचाव से कुछ भी नहीं बच सकता. प्रकाश भी यहां प्रवेश करने के बाद बाहर नहीं निकल पाता है. यह अपने ऊपर पड़ने वाले सारे प्रकाश को अवशोषित कर लेता है.

आइंस्टाइन बता चुके हैं कि किसी भी चीज़ का गुरुत्वाकर्षण (Gravity) स्पेस को उसके आसपास लपेट देता है और उसे कर्व जैसा आकार दे देता है.

जलकर राख हो जाएं, ये ज़रूरी नहीं

हो सकता है कि आप किसी दूसरे ग्रह पर जीवन की तलाश में निकले हों या फिर अंतरिक्ष यान से बाहर निकले हों और तभी ब्लैक होल की चपेट में आए जाएं.

आपका अनुमान होगा कि ब्लैक होल (Black hole) आपको कुचल देगा. हालांकि वास्तविकता इससे काफी अलग हो सकती है.

अगर आप ब्लैकहोल की चपेट में आ गए हों, तो आपके साथ दो बातें हो सकती हैं. या तो आप तुरंत ही जलकर राख हो जाएंगे या फिर आप बिना किसी नुकसान झेले ब्लैक होल में फंस जाएंगे.

जब कोई विशाल तारा अपने अंत की ओर पहुंचता है तो वह अपने ही भीतर सिमटने लगता है. धीरे धीरे वह भारी भरकम ब्लैक होल बन जाता है और सब कुछ अपने में समेटने लगता है.

Blackhole in hindi


स्टीफ़न हॉकिंग का इवेंट हॉराइज़न

इसके बाहरी हिस्से को इवेंट हॉराइज़न कहते हैं. क्वांटम प्रभाव के चलते इससे गर्म कण टूट-टूट कर ब्रह्माण्ड में फैलने लगते हैं.

स्टीफ़न हॉकिंग की खोज के मुताबिक हॉकिंग रेडिएशन के चलते एक दिन ब्लैक होल पूरी तरह द्रव्यमान मुक्त हो कर ग़ायब हो जाता है.

जब आप ब्लैक होल के अंदर पहुंचते हैं, केंद्र तक वो असीम घुमावदार होता है. वहां आकर समय और स्पेस दोनों अपना अर्थ खो देते हैं और भौतिक विज्ञान को कोई नियम काम नहीं करता.

यहां पहुंचने के बाद क्या होगा, कोई नहीं जानता. क्या कोई दूसरा यूनिवर्स आ जाएगा या फिर आप सब कुछ भूल कर नई दुनिया में पहुंच जाएगे. यह रहस्य अब तक बना हुआ है.

आपको देखता एक काल्पनिक साथी

मान लीजिए कि आपके इस सफर में एक साथी Priya भी है. वह बाहर से खड़ी होकर ब्लैक होल के अंदर आपको जाते हुए देख रही है. अगर आप इवेंट हॉराइज़न की ओर आते हैं तो Priya आपको ऐसा पाती है जैसे कि मैग्नीफाईंग ग्लास से आपको देख रही हो.

आप उसे स्लो मोशन में नज़र आते हैं. आप उसे आवाज़ देकर कुछ नहीं बता सकते. क्योंकि वहां कोई हवा नहीं है. हो सकता है कि आप अपने आईफोन से एक ऐप के ज़रिए संदेश भेजें (यदि ऐसा ऐप उपलब्ध हो).

क्योंकि आपके शब्द तो बहुत देरी से पहुंच रहे होंगे जिसका कारण ये है कि ब्लैक होल के अंदर Frequency लगातार कम होती जाएगी.

जब आप हॉरिजन तक पहुंचेंगे Priya आपको फ्रीज हुआ पाएगी मानो किसी ने आपका पॉज़ बटन दबा दिया हो. आपमें कोई गति नहीं होगी और आप हॉराइज़न की भीषण गर्मी की चपेट में आप आ चुके होंगे.

हॉकिंग रेडिएशन के चलते ब्लैक होल के अंधकार तक पहुंचने से पहले ही आप राख में तब्दील हो जाएंगे.

जब तक हम आपके अंतिम संस्कार के बारे में सोचें, ज़ेन के बारे में हम भूल जाते हैं और आपके नजरिए से सोचते हैं. यह बहुत ही विचित्र अनुभव हो सकता है.

सारी उम्र ब्लैक होल में?

Black Hole में गिरने पर आप प्रकृति के रहस्यों को खोजते हुए, बिना किसी झटके के, ब्लैक होल में गिरते चले जाएंगे. यह फ़्री फ़ॉल जैसा होगा, जिसे आइंस्टाइन ने 'हैप्पीएस्ट थॉट' कहा था.

इवेंट हॉराइज़न नाम की कोई चीज़ अगर होती भी है तो ये आपकी चिंता का विषय अभी नहीं है.

ये ज़रूर है कि अगर ब्लैक होल का आकार छोटा हुआ तो आपको दिक्कत हो सकती है. गुरुत्वाकर्षण का बल तब आपके पांव मं ज्यादा महसूस होगा, सिर के बजाए. लेकिन मान लेते हैं कि ये ब्लैक होल हमारे सूर्य से भी काफी बड़ा है.

एक हकीकत ये भी है कि बड़े ब्लैक होल में आप अपना पूरा जीवन सामान्य तौर पर बिता सकते हैं. वैसे कितना सामान्य हो सकता है, ये सोचने की बात है.

क्योंकि इसमें स्पेस और टाइम का कोई मतलब नहीं होगा. आपकी कोई इच्छा काम नहीं करेगी. आप दूसरी ओर पलट भी नहीं सकते हैं.

जब आप इसके बारे में सोचते हैं तो पाते हैं कि ये समय से जुड़ा अनुभव है. समय केवल आगे बढ़ता है. पीछे की ओर नहीं बढ़ता है. यह हमारी इच्छाओं के खिलाफ भी बढ़ता है और हमें पीछे टर्न लेने से रोकता है.

यानी साफ है कि आप ब्लैक होल में पलट नहीं सकते हैं और ना ही ब्लैक होल को छोड़ कर भाग सकते हैं.

ऐसे वक्त में आपके दिमाग में एक सवाल ज़रूर कौंधेगा कि Priya के साथ क्या हुआ था, वह आपको इवेंट हॉराइज़न की सतह पर क्योंकि जलाने पर उतारू थी.

दरअसल Priya तार्किक ढंग से सोच रही थी. उसके नजरिए से आप ब्लैक होल के हॉराइज़न पर जल जाएंगे.

ये कोई भ्रम की स्थिति नहीं है. वह आपके अवशेष को जमा करके आपके परिवार के लोगों को भी भेज सकती है.

लेकिन ब्लैक होल के अंदर जाते ही Priya के भौतिक विज्ञान के नियम आप पर काम नहीं करेंगे.

वहीं दूसरी ओर भौतिक विज्ञान के नियमों के मुताबिक आप हॉराइज़न के अंदर सीधे जा सकते हैं. बिना गर्म कणों से टकराए....नहीं तो आइंस्टाइन के हैप्पीएस्ट थॉट और सापेक्षता के सिद्धांत का उल्लंघन होगा.

तो इस लिहाज से भौतिक विज्ञान के मुताबिक आपके साथ दोनों में से कोई भी स्थिति हो सकती है. आप ब्लैक होल की बाहरी सतह पर जल कर खाक हो सकते हैं या फिर उसके अंदर आसानी से पहुंच सकते हैं.

अंतरिक्ष में दूर की वस्तुओं में जुड़ाव

2012 की गर्मियों में अहमद अल्मेहिरी, डोनाल्ड मारोल्क, जोए पोलचिंस्की और जेम्स सुले (इन्हें साथ में एएमपीएस भी कहा जाता है) ने ब्लैक होल को लेकर अब तक की हमारी राय को बदला.

इन चारों भौतिक वैज्ञानिकों के मुताबिक ये संभव है ब्लैक होल के इवेंट हॉराइज़न के अंदर जाए बिना अंदर की जानकारी मिल सके.

इसके लिए इन चारों ने क्वांटम मैकेनिक्स और आइंस्टाइन के सिद्धांतों का ही सहारा लिया. उनके मुताबिक अंतरिक्ष में एक दूसरे से, दूर की वस्तुओं का आपस में जुड़ाव हो सकता है. वे एक के ही दो हिस्से होते हैं.

हालांकि इस सिद्धांत से भी कोई नतीजा नहीं निकला. यह मूलभूत भौतिक विज्ञान का सबसे विवादास्पद सवाल अब भी बना हुआ है.

न्यूजर्सी स्थित प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी के डेनिएल हारलो और स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी कैलिफोर्निया के पैट्रिक हायडन ने ये पता लगाने की कोशिश की स्पेस की दो वस्तुओं यानी आपका और ब्लैक होल के हॉराइज़न के अंदर के हिस्से का जुड़ाव किस तरह का है.

2013 में इन दोनों ने पाया कि अगर सबसे तेज कंप्यूटर से भी ये पता लगाने की कोशिश की गई तो इस जुड़ाव का पता लगाने में काफी वक्त लगेगा, इसको डिकोड करने में इतना वक्त भी लग सकता है, जब तक कि ब्लैक होल खुद ही पूरी तरह नष्ट हो जाएगा.

जाहिर है ऐसे में ब्लैक होल के अंदर गिरने पर आपके साथ क्या होगा, इसको लेकर दोनों जवाब अपनी अपनी जगह बने हुए हैं.

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