SEO क्या है और कैसे करते हैं [What is SEO in Hindi]

SEO क्या है? What is SEO IN HINDI ?

SEO का अर्थ होता सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन। इसके अंदर आपकी वेबसाइट को ऑप्टिमाइज किया जाता है गूगल के लिए ताकि आपकी वेबसाइट गूगल के अंदर ऑर्गेनिक ट्रैफिक ला सके और ऊपर ही ऊपर आए और यह जरूरी इसलिए है कि अगर आप यह करते हो तो आपका व्यवसाय बढ़ेगा आप अच्छा कमा पाएंगे आप के वेबसाइट अच्छा ट्रेफिक आएगा अगर आपकी वेबसाइट जिस भी चीज की है उसके अंदर आपने अच्छा खासा कमा पाएंगे आगे आपकी वेबसाइट अच्छी ट्रेफिक लेगी अच्छी इनकम आने लगेगी ऐड्स के साथ अपीलेट मार्केटिंग के साथ तो बहुत सारे रास्ते वेबसाइट से कर सकते हो।


 

SEO की एक व्यवसाय के लिए क्या उपयोगिता है ?

अब बात आती है की SEO की एक व्यवसाय के लिए क्या उपयोगिता है। इसे हम कुछ निंम्न बिन्दुओ से समझ सकते है

1. ज्यादा लोगो तक पहुंच - SEO का उपयोग सिर्फ वेबसाइट के लिए ही नहीं बल्कि यूट्यूब चैनल और ब्लॉग के लिए भी किया जाता है। एक अच्छे SEO द्वारा एक व्यवसायी या को भी व्यक्ति जो पैसे कमाना चाहता है अपने कंटेंट या अपनी योजना को ज्यादा लोगो तक पंहुचा सकता है।

2. आय में बढ़ोतरीएक अच्छे SEO के प्रयोग से आय में बढ़ोतरी होती है। उदहारण के तौर पर एक शहर में 8-10 बड़े कपड़ो के शोरूम है। इन सब की वेबसाइट बनी हुई है। अब कोई व्यक्ति जिसे शादी के लिए कपडे खरीदने है, वो ऑनलाइन सर्च करेगा ऐसे शोरूम के बारे में अब जिस शोरूम वाले ने अपनी वेबसाइट का SEO अच्छा कर रखा होगा उसकी वेबसाइट पहले दिखाई देगी और अब उस व्यक्ति का उस शोरूम का ग्राहक बनने की सम्भावना काफी ज्यादा रहेगी।

SEO सिर्फ एक व्यवसायी के लिए काफी उपयोगी है बल्कि ऑनलाइन पैसे कमाने वाले लोगो के लिए भी काफी उपयोगी है।बेहतरीन कंटेंट और वीडियो के आलावा यदि एक अच्छी SEO पद्धति को अपनाया जाये तो ऑनलाइन अच्छे पैसे कमाए जा सकते है।

 

SEO की टाइप ? Type of SEO in Hindi :

यहाँ पे हम लोग OFF PAGE SEO के बारे में अधिक जानकारी आपको देंगे क्योकि ON PAGE SEO से भी अधिक महत्त्व होता है इसक।  

1)    ON PAGE SEO

On page SEO, search engine optimisation का एक Part होता है। On page Seo में हम अपने article को search engine जैसे Google में रैंक करने के लिए तैयार करते है।

On Page seo क्या होता है अगर आपके मन में ये सवाल है तो आप जान लीजिये की जितना भी काम Article या Post पर ranking के लिए किया जाता है वो सबी on-page seo ही है।

 

2)    OFF PAGE SEO

Off Page SEO को Technical SEO भी कहा जाता है.

Off Page SEO का मतलब होता है आपके ब्लॉग की Authority, Bounce Rate, Domain Age, Backlink, Identity तथा आपके ब्लॉग पर Comment.

OFF PAGE SEO की विस्तार में जानकारी

1.    Authority

गूगल सभी ब्लॉग को दो प्रकार की Authority देता है।

·       Domain Authority

·       Page Authority

किसी भी ब्लॉग की Domain Authority उस ब्लॉग को मिलने वाले Backlink, Traffic, Domain age तथा ब्लॉग की Identity पर निर्भर करती है।

Page Authority किसी भी पेज को मिलने वाले शेयर, Comment, Backlink आदि पर निर्भर करती है।


2.    Bounce Rate

Bounce Rate मतलब होता है कि कितने लोग वेबसाइट/ब्लॉग पर केवल एक ही पेज देखते है या पढ़ते है उसके बाद उस वेबसाइट/ब्लॉग को छोड़कर चले जाते है।

Bounce Rate कम करने के लिए आपके ब्लॉग की loading स्पीड अच्छी होनी चाहिए। ब्लॉग का कंटेंट अच्छा होना चाहिए।

यूजर का ब्लॉग पर टाइम Spend बढ़ाने के लिए आप पोस्ट में वीडियो भी Add कर सकते है।


3.    Domain Age

गूगल पुराने डोमेन को Priority देता है मतलब नए ब्लॉग पर हर काम करने में गूगल थोड़ा समय लेता है।

उदाहरण के लिए आप Real लाइफ में भी उस व्यक्ति पर ज्यादा भरोसा करेंगे जो 15 सालों से कार्य कर रहा है बजाय 1 साल से काम करने वाले व्यक्ति के।

गूगल भी ठीक ऐसा ही करता है।

 

4.    Consistency

जिस ब्लॉग पर निरंतर पोस्ट Publish होती है गूगल हमेशा उसको Priority देता है।

जो ब्लॉग रोजाना पोस्ट पब्लिश करते है गूगल उस ब्लॉग को रोजाना Crawl करता है।

जरुरी नहीं है कि आप भी रोजाना पोस्ट पब्लिश करे लेकिन एक निश्चित टाइम अंतराल में पोस्ट जरुर डाले जैसे हर 2 या 3 दिन में एक पोस्ट।

 

5.    Identity

Identity से मतलब है कि लोग आपको कितना जानते है। अपने ब्लॉग के About us पेज में अपने बारे में पूरी जानकारी दे तथा अपनी फोटो भी लगाए।

इसके अलावा आप यूट्यूब वीडियो बनाकर भी अपने ब्लॉग में Insert कर सकते है।

या यूट्यूब पर आपका कोई इंटरव्यू है तो उसे भी About us पेज में link कर सकते है।

 

6.    BackLinks

किसी दूसरे ब्लॉग के द्वारा आपके ब्लॉग का link खुद के ब्लॉग में देना BackLinks कहलाता है।

BackLinks दो प्रकार के होते है

·       Do follow BackLinks

·       No Follow BackLinks

 

A.    Do follow BackLinks

Do follow BackLinks आपके ब्लॉग के SEO में मदद करते है।

जब आप अपने ब्लॉग में किसी दूसरी वेबसाइट/ब्लॉग का Link देते है और उस पर No Follow का tag नहीं लगाते तो वह Do follow BackLinks कहलाता है।

B.     No Follow BackLinks

No Follow BackLinks आपके ब्लॉग के SEO में कोई मदद नहीं करते है

कुछ बड़ी वेबसाइट सिर्फ No Follow BackLinks ही देती है।

जब आप अपने ब्लॉग में किसी दूसरी वेबसाइट/ब्लॉग का Link देते है और उस पर No Follow का Tag लगा देते है तो वह No follow BackLinks कहलाता है। No Follow BackLinks होने पर सर्च इंजन के bots उस link को crawl नहीं करते है मतलब उस backlink का कोई फायदा नहीं मिलता।


आपको हमेशा दोनों तरह के Backlinks बनाने चाहिए सिर्फ Do Follow पर ही ध्यान ना दे।

 

7.    Guest Post

किसी दूसरे ब्लॉग पर अपनी पोस्ट पब्लिश करना Guest Post कहलाता है किसी दूसरे ब्लॉग से ट्रैफिक को अपने ब्लॉग पर लाने के लिए Guest Post लिखी जाती है।

Guest Post आप Free तथा पैसे देकर भी लिख सकते है।

Guest Post के जरिए आप Do Follow Backlink generate कर सकते है। Guest Post एक Same niche वाली ब्लॉग/वेबसाइट पर ही लिखनी चाहिए।

जिस ब्लॉग पर आप Guest Post लिखना चाहते है उस ब्लॉग के Contact us पेज में जाकर आप उनसे contact कर सकते है।

 

8.    Comment

प्रत्येक पोस्ट के नीचे एक Comment box होता है।

Post पर जितने अधिक Comment होते है उस पेज की Page Authority उतनी ही अधिक होती है।

जब कोई व्यक्ति आपकी पोस्ट पर Comment करता है तो आपको उसका रिप्लाई जरुर करना चाहिए।

 

SEARCH ENGINE के बारे में पूरी जानकारी

SEO को complete समझने के लिए पहले हमको ये भी जानना बहुत जरुरी है की आखिर सर्च इंजन क्या है और ये कैसे काम करता है |

Search Engine क्या है

सर्च इंजन एक डायरेक्टरी की तरह होता है जहाँ हम अपनी कोई query सर्च करते हैं और हमे अपने Query से Related answer मिलते हैं| इन्टरनेट की दुनिया मे गूगल और Bing दो सबसे बड़े सर्च इंजन हैं और सबसे ज्यादा लोग Google पर ही अपनी Query सर्च करते हैं| इसलिए हम भी यहाँ पर गूगल की ही बात करेंगे|

हम गूगल पर सर्च करते हैं SEO क्या है, तो हमे गूगल के फर्स्ट पेज पर लगभग 10 अलग-अलग links देखने को मिलते हैं जो basically अलग-अलग ब्लॉग के आर्टिकल होते हैं जिन्होंने SEO के बारे पोस्ट लिखा होता है | गूगल पर जो ये links हमे जिस पेज पर दिखते हैं उस पेज को SERP (सर्च इंजन रिजल्ट पेज) कहा जाता है |

 
 सर्च इंजन काम कैसे करता है

आप ये तो समझ गये की गूगल एक सर्च इंजन है जिस पर हम किसी भी टॉपिक के बारे मे सर्च करके जानकारी ले सकते हैं | लेकिन अब सवाल ये आता है की गूगल कैसे कुछ ही सेकंड मे हमारे किसी भी सवाल से रिलेटेड answer हमे दे देता है | क्या गूगल खुद ही सारे answer लिख के रखता है, नही गूगल ऐसा कुछ भी नही करता बल्कि होता ये है की मै या आप जैसे कई ब्लॉगर अलग-अलग टॉपिक के बारे मे ब्लॉग बनाते हैं और उस पर पोस्ट लिखते हैं |


इसी तरीके से कई बिज़नेस वाले लोग अपने बिज़नस से रिलेटेड Websites बनाते हैं| और ये सभी ब्लॉगर या वेबसाइट owner को अपने ब्लॉग या वेबसाइट को गूगल मे सबमिट करना होता हैं | जिसके लिए गूगल ने अपना ही एक अलग प्लेटफार्म Google searchconsole बनाया है |


आज के समय मे गूगल मे लगभग 2 billion से भी ज्यादा वेबसाइट सबमिट हैं | जो अलग-अलग टॉपिक से रिलेटेड हैं, तो जब भी कोई person गूगल पर कुछ भी सर्च करता है तो गूगल के कुछ क्रॉलर होते हैं| क्रॉलर basically एक रोबोट टाइप्स के होते हैं जो अलग-अलग वेबसाइट पर विजिट करते हैं और जानने की कोशिश करते हैं की आखिर ये वेबसाइट या ब्लॉग किस चीज़ के बारे मे बता रहा है और साथ ही ये वेबसाइट या ब्लॉग की क्वालिटी कैसी है और इसके अलावा भी कई सारी चीजें गूगल के ये क्रॉलर वेबसाइट और ब्लॉग मे सर्च करते हैं | और इसके बाद ये क्रॉलर उन टॉप 10 रिजल्ट्स को आपके सामने दिखाते हैं जो आपके query से रिलेटेड बेस्ट answer आपको दे सकते हैं | तो यही पूरा सर्च इंजन का काम होता है |


आपको सर्च इंजन के बारे अब अच्छे से समझ ही गया होगा |

अब आपको SEO को समझने मे काफी आसानी होगी क्योंकि आपने सर्च इंजन का फंडा समझ लिया है | हम जो ब्लॉग या वेबसाइट Owner होते हैं हमारी कोशिश हमेशा यही होती है की हमारी ब्लॉग का आर्टिकल या हमारी वेबसाइट का पेज हमेशा गूगल के फर्स्ट पेज के फर्स्ट पोजीशन पर आये जिससे हमे सबसे ज्यादा ट्रैफिक मिले| और अपने ब्लॉग के पोस्ट या वेबसाइट के पेज को गूगल के फर्स्ट पेज लाने के लिए हमे SEO करना पड़ता है |

 

SEO को करने से पहले आप इन बातो को धयान में रखकर करिये

SEO की गलतियों से ऑनलाइन कारोबार पर काफी असर पड़ सकता है, जिसे ठीक होने में काफी समय लग सकता है। SEO में बुरे फैसलों से बचने में आपकी मदद करने के लिए, हमने 10 कॉमन ऑन-पेज SEO मिस्टेक्स को अवॉइड करना चाहिए।

 

1.    गलत खोजशब्द अनुकूलन

      गलत कीवर्ड वाले लेखों को ऑप्टिमाइज़ करना भी उन सामान्य ब्लंडरों में से एक है जो अधिकांश शुरुआती करते हैं। यह जानबूझकर या अनजाने में हो सकता है, लेकिन आजकल बहुत कुछ होता है। सामग्री की विफलता के पीछे गलत कीवर्ड चयन मुख्य कारण है। ज्यादातर लोग इस सामान्य ऑन-पेज एसईओ गलती करते हैं, कीवर्ड का गलत अभ्यास ऑन-पेज एसईओ गलतियों के लिए सबसे हानिकारक है, जिसे उस समय ठीक किया जाना चाहिए।

 विषय पर आगे बढ़ने से पहले, संबंधित कीवर्ड को ध्यान से लिखें। फिर शीर्ष कीवर्ड चुनें जो रैंक करने की सबसे अधिक संभावना है। यह रणनीति इंटरनेट पर एक लेख को रैंक करने के लिए पूरी तरह से काम करती है।

 

2.     गलत लंगर पाठ का उपयोग करना

 Anchor text आपकी वेबसाइट के लिए महत्वपूर्ण होना चाहिए। प्रारंभ में, लोग किसी विशेष पेज के लिंक को इंटरलिंक या बैकलिंक के नाम से चिपकाते हैं। ठीक है, आप एक पेज के लिए एक लिंक छोड़ सकते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कौन सा कीवर्ड उस लिंक के बारे में अधिक कहता है। हो सकता है कि Google क्रॉलर उस लिंक को भी क्रॉल करता हो, लेकिन यह आपके पेज को किसी विशेष कीवर्ड के लिए निश्चित रूप से रैंक नहीं करेगा। परिचित एसईओ गलतियाँ, ज्यादातर लोग इस आम पेज पर एसईओ गलती करते हैं। विशेषज्ञ को पता है कि बैकलिंक्स बनाते समय और कीवर्ड के उपयोग को रोकना एक आवश्यक चीज है।

 

3.     कीवर्ड स्टफिंग

 कीवर्ड के साथ सामग्री का अनुकूलन करने से आपकी वेबसाइट शीर्ष रैंकिंग में नहीं आएगी। यदि आप ईश्वर के लिए खोज इंजन परिणाम पृष्ठ पर रैंकिंग प्राप्त करने के लिए ऐसी सस्ती तरकीबें कर रहे हैं, तो कृपया इसे रोक दें। कीवर्ड के साथ सामग्री भरना सामान्य एसईओ गलतियों में से एक है जो हर शुरुआत से बचना चाहिए। इस तरह की काली टोपी एसईओ तकनीकों का उपयोग करने के विभिन्न कारण हैं। ऑन-पेज एसईओ का गलत अभ्यास

 यदि कोई शब्द बार-बार दोहराता है, तो कोई भी सामग्री पढ़ना पसंद नहीं करता है। यह वेबसाइट पर बूम रेट के सबसे बड़े कारणों में से एक है। जब आप कीवर्ड भरने में व्यस्त होते हैं, तो आप लेख के सभी महत्वपूर्ण हिस्सों को कवर करने से चूक जाते हैं। एक अधिक अनुकूलित सामग्री कभी भी खोज इंजन पर उच्च रैंक नहीं करती है।

 

4.     साइट संरचना

 कुछ शुरुआती वेबसाइट संरचना की परवाह नहीं करते हैं और केवल लिंकिंग और सामग्री पर ध्यान केंद्रित करते हैं। आंतरिक लिंक और हेडिंग के साथ एक अच्छी तरह से अनुकूलित वेबसाइट होने के लिए केवल मूल बातें नहीं हैं जो शुरुआती लोगों को चिंता करनी चाहिए। सामान्य एसईओ गलतियाँ एक अच्छी तरह से अनुकूलित वेबसाइट संरचना नहीं होना भी सबसे बड़ी गलती है जिसे आपको जल्द से जल्द ठीक करना चाहिए।

 Google के अनुसार, यदि किसी वेबसाइट में उपयोगकर्ता के अनुकूल साइट संरचना है, तो यह सीधे या परोक्ष रूप से वेबसाइट के समग्र प्रदर्शन को बढ़ा देता है।

 

5.     खराब शीर्षक का उपयोग करना

शीर्षक टैग रैंकिंग में बहुत महत्वपूर्ण है। हर वेबसाइट शीर्षक टैग का उपयोग करती है। लेकिन हर किसी के पास एक आकर्षक शीर्षक बनाने का विचार नहीं है जो पाठकों की आंखों को आकर्षित करे। कई शुरुआती लोग इस सामान्य बात पर झूठ बोलते हैं जो आपकी वेबसाइट पर भारी ट्रैफ़िक ला सकता है।

आम ऑन-पेज एसईओ ब्लंडर शीर्षक को आकर्षक बनाने के लिए, विशेषज्ञ सरल शब्दों का उपयोग करते हुए शक्ति शब्द का उपयोग करते हैं। पावर शब्दों का उपयोग करना उपयोगकर्ताओं और लेख के बीच एक छिपी रुचि पैदा करता है। एक आकर्षक शीर्षक नहीं बनाना एक मुख्य कारण है कि आपका एक लेख 1 पृष्ठ पर रैंकिंग कर रहा है फिर भी ट्रैफ़िक प्राप्त नहीं कर रहा है।

 

6.     डुप्लिकेट सामग्री

आज कंटेंट मार्केटिंग का बादशाह है। लेख प्रकाशित करने की दौड़ में, कई शुरुआती लोग नकल सामग्री पोस्ट करते हैं। वे शीर्ष वेबसाइटों से सामग्री की प्रतिलिपि बनाते हैं जो शीर्ष स्थान पर हैं और इसे अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करते हैं। वे ऐसा करके सोचते हैं कि वे अपनी वेबसाइट पर बहुत बड़ा ट्रैफ़िक लाते हैं। लेकिन ऐसी मानसिकता रखना पूरी तरह से गलत है। सरल ऑन-पेज एसईओ त्रुटियाँ।

प्रत्येक एसईओ विशेषज्ञ जानता है कि सामग्री मूल होनी चाहिए और किसी अन्य स्रोत से डुप्लिकेट नहीं होनी चाहिए। इसके पीछे मुख्य कारण, Google ने डुप्लिकेट सामग्री को दंडित किया। यदि आपकी वेबसाइट कॉपी-सामग्री से भरी है, तो आप Google खोज इंजन के साथ स्थायी रूप से विघटित हो सकते हैं।

 

7.     H1 (हेडिंग) टैग का उपयोग करना भूलें

कुछ शुरुआती लोग सामग्री में H1 टैग का उपयोग केवल इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें इसके बारे में कोई पता नहीं है। इसके अलावा, आप कुछ अन्य लोगों को ढूंढ सकते हैं जो शीर्षक का उपयोग केवल इसलिए नहीं करते हैं क्योंकि वे इसके लिए उपयोग नहीं किए जाते हैं।

इसमें कोई संदेह नहीं है कि शीर्षक टैग एक लेख में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हेडिंग केवल एक लंबे विषय को सहायक छोटे पैराग्राफ में विभाजित करने में मदद करते हैं बल्कि एक विषय को आसानी से समझने योग्य बनाते हैं। साथ ही, किसी कीवर्ड के साथ शीर्षक रखने से परफॉर्मेन्स पर बहुत असर पड़ता है |

 

8.     गलत खोजशब्द अनुकूलन

गलत कीवर्ड के साथ एक लेख का अनुकूलन भी आम गलतियों में से एक है जो ज्यादातर लोग ऑन-पेज एसईओ करते हैं। यह जानबूझकर या अनजाने में हो सकता है, लेकिन आजकल, कई लोग यह गलती करते हैं। सामग्री की विफलता के पीछे गलत कीवर्ड चयन मुख्य कारण है। कीवर्ड का गलत अभ्यास ऑन-पेज एसईओ गलतियों के लिए सबसे हानिकारक है, जिसे उस समय ठीक किया जाना चाहिए।

विषय पर आगे बढ़ने से पहले, संबंधित कीवर्ड को ध्यान से लिखें। फिर शीर्ष कीवर्ड चुनें जो रैंक करने की सबसे अधिक संभावना है। यह रणनीति इंटरनेट पर एक लेख को रैंक करने के लिए पूरी तरह से काम करती है।

 

9.     कॉपीराइट की गई छवियों का कोई उपयोग नहीं

छवियाँ वेबसाइट के प्रदर्शन पर एक बड़ा प्रभाव डालती हैं। कई लोग पृष्ठों पर यह गलती करते हैं। अद्भुत चित्रों के साथ अच्छी तरह से लिखी गई सामग्री उपयोगकर्ता को सामग्री को बेहतर ढंग से समझने में मदद करती है। छवियां केवल उपयोगकर्ता के प्रॉस्पेक्टस के रूप में अच्छी हैं, बल्कि समग्र वेबसाइट प्रदर्शन के रूप में भी प्रमुख भूमिका निभाती हैं। यह वेबसाइट की उछाल दर को कम करने की एक उच्च संभावना बनाता है जो साइट रैंकिंग को भी प्रभावित करता है।

शुरुआती ऐसे विवरणों के बारे में नहीं सोचते हैं या शायद देखभाल और ऐसी छोटी गलतियां कभी-कभी प्रमुख भूमिका निभाती हैं।

 

10. मोबाइल पेज के लिए अनुकूलित नहीं

सभी ट्रैफ़िक का अधिकतर 50% मोबाइलों से आता है। यदि आपकी वेबसाइट मोबाइल के लिए तैयार नहीं है, तो Google अपने खोजकर्ताओं के लिए अपने आप इसे अनफ्रेंडली मान लेगा। अधिकांश लोग यह सुनिश्चित करते हैं कि आपकी वेबसाइट उत्तरदायी है और यह सुनिश्चित करें कि पहली बार में उनके लिए यह मोबाइल बना। मोबाइल ट्रैफ़िक में टैप करके, आप अपनी वेबसाइट की दृश्यता भी बढ़ा पाएंगे। SERP में मोबाइल फ्रेंडली लेख बहुत जल्दी रैंक करता है।

मोबाइल-अनुकूल पृष्ठ गति को Google खोज पर रैंकिंग कारक माना जाता है। तब मदद मिलेगी अगर आपने मोबाइल को नजरअंदाज नहीं किया।

यह पसंद नहीं है कि सभी शुरुआती ने एक ही गलती की है या पहले से ही कर रहे हैं। मुख्य बातें इस प्रकार की सामान्य एसईओ गलतियों को अनदेखा कर रही हैं जो वास्तव में आपकी वेबसाइट के लिए हानिकारक हो सकती हैं। एक बार जब आप अपनी ऑन-पेज एसईओ गलतियों को खोज लेंगे, तो अपनी वेबसाइट को सफलता की ऊंचाई पर ले जाना बहुत आसान होगा।


SEO के बारे में पढ़ने और समझने के लिए, इन निम्नलिखित वेबसाइट की सहायता ले सकते है। ये सभी वेबसाइट साथ में SEO के बारे में नई जानकारी भी देती हैं।


1.     Search Engine Land

2.     Moz

3.     Backlinko

4.     Neil Patel

5.     Search Engine journal

6.     SEMrush

7.     SEObook

 

क्या SEO के बिना रैंक करना Possible है ?

SEO के बिना आप रैंक ही कर नहीं सकते।SEO की प्रक्रिया तो तब से चालू होती है जब आप कीवर्ड रिसर्च करते है, कॉन्टेंट लिखते है, पोस्ट में इमेज लगते है। ये सब भी SEO का ही पार्ट है।

एक और बात सुन लीजिए

SEO एक ही होता है चाहे भाषा कौन सी भी हो। आप वो सब हिंदी ब्लॉग के लिए भी कर सकते है जो अंग्रेजी ब्लॉग के लिए करते है।

जितनी भी वेबसाइट रैंक कर रही है वह बिना SEO के मुमकिन नहीं है।

 

कुछ भी समज में रहा है तो आप Comment कर सकते है।

 

अगर आप ब्लॉगर है तो SEO की कुछ टिप्स आपको इस वीडियो से मिल जाएगी।



 

 

 

 


Post a Comment

Previous Post Next Post