[वीडियो] बवासीर का ऑपरेशन कैसे होता है ? | Bawasir ka operation kaise hota hai ?

 बवासीर को अंग्रेजी में पाइल्स कहा जाता है। बवासीर के मरीज को स्टूल पास करते समय काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह समस्या पुरानी कब्ज, प्रेगनेंसी, एजिंग, डायरिया, भारी सामान उठाने, अनुवांशिकी और मसालेदार, तीखा खाना खाने तथा अस्वस्थ्य लाइफस्टाइल अपनाने के कारण होता हैं। बवासीर का इलाज काफी तरह से किया जा सकता है लेकिन लेजर सर्जरी को बवासीर का सबसे उत्तम और प्रभावशाली इलाज का माध्यम है।

लेजर सर्जरी एक तरह की सर्जरी है जिसमें लेजर की मदद से टिश्यू को काटकर किसी भी बीमारी को ठीक किया जाता है। यह इलाज का मॉडर्न माध्यम है जो एक सर्जन के द्वारा पूरा किया जाता है। बहुत सी बीमारियों को ठीक करने के लिए इस माध्यम का इस्तेमाल किया जाता। लेजर सर्जरी के दौरान मरीज को कम से कम दर्द और रक्तस्राव होता है। इसमें इंफेक्शन, जख्म या दाग होने का खतरा लगभग ना के बराबर होता है। सर्जरी के बाद मरीज को ठीक होने में बहुत कम समय लगता है। पारंपरिक सर्जरी की तुलना में लेजर सर्जरी को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

Piles/Bawasir ka Operation ka kharcha | Piles/Bawasir का ऑपरेशन का खर्चा  

We have Piles Surgery price information in 13 cities.

City

Starting Price

Price Upto

Bangalore

Rs. 4000.00

Rs. 140000.00

Chennai

Rs. 22000.00

Rs. 110000.00

Hyderabad

Rs. 7800.00

Rs. 140000.00

Kolkata

Rs. 5000.00

Rs. 70000.00

Mumbai

Rs. 15000.00

Rs. 133484.00

New Delhi

Rs. 14000.00

Rs. 100000.00

Pune

Rs. 15000.00

Rs. 140000.00


बवासीर का उत्तम इलाज

बवासीर एक गंभीर बीमारी है जिसका समय पर इसका इलाज नहीं किया गया तो यह दूसरी कई बीमारियों का कारण बन सकती है। अगर आप बवासीर से पीड़ित हैं तो आपको लेजर सर्जरी की मदद से एक दिन के अंदर इस बीमारी से हमेशा के लिए छुटकारा मिल सकता है। लेजर सर्जरी परफॉर्म करने से पहले सर्जन मरीज की डायगनोसिस करते हैं जिसकी मदद से वे बवासीर और उसकी स्थिति को समझते हैं।

डायगनोसिस के दौरान सर्जन खून की जांच और आंतरिक बवासीर का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट द्वारा एक्जामिनेशन करते हैं। बाहरी बवासीर एनस से बाहर होता है इसलिए सर्जन को इसे समझने में ज्यादा परेशानी नहीं होती है। जांच करने के बाद मरीज की सर्जरी की जाती है। सर्जरी करने से तुरंत पहले मरीज को लोकल या जेनेरल अनेस्थिसिया देकर उसके एनस के आसपास की जगह को सुन्न कर दिया जाता है फिर सर्जन सर्जरी को परफॉर्म करते हैं। यह सर्जरी 30 से 40 मिनट के अंदर पूरी हो जाती है जिसमें मरीज को कट, टांके, जख्म और घाव नहीं आते हैं।

बवासीर का ऑपरेशन के दौरान या बाद में मरीज को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती है और साथ दर्द या रक्तश्राव भी नहीं होता है। सर्जरी वाले दिन ही मरीज को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया जाता है। अगले 48 घंटों के भीतर मरीज पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं और अपनी डेली रूटीन को फिर से शुरू कर सकते हैं। सर्जरी के दौरान कट ना लगने, खून ना निकलने और सर्जरी के बाद जख्म न बनने की वजह से मरीज बहुत कम समय में रिकवर हो जाते हैं।

बवासीर का ऑपरेशन कैसे होता है वीडियो दिखाएं ?



लेजर सर्जरी के फायदे

  1. इसमें तेज रिकवरी होती है।
  2. यह आधे घंटे की प्रक्रिया है।
  3. यह एक संक्षिप्त लेजर सर्जरी।
  4. इसमें घाव और दाग नहीं बनते हैं।
  5. इसमें दर्द और सूजन नहीं होता है।
  6. इसमें कट और टांके नहीं लगते हैं।
  7. इसमें इंफेक्शन का खतरा नहीं होता है।
  8. यह एक सुरक्षित और प्रभावशाली इलाज है।
  9. मरीज को उसी दिन डिस्चार्ज कर दिया जाता है।
  10. इसके बाद बीमारी दोबारा होने का खतरा खत्म हो जाता है।
  11. मरीज 48 घंटे के अंदर अपने दैनिक जीवन के कामों को शुरू कर सकता है।

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